Monday, 20 August 2007
Friday, 17 August 2007
बज़ार में गिरावट मौका है खरीदारी का

यह गिरावट एक अच्छा मौका है बज़ार में पैसा फैकने का। हो सकता है यह और नीचे जाए मगर इस सतर पर रुक कर यह अब ऊपर जाना चाहिए। इस सतर पर आपको सोच समझ निवेष करने की नीति बनानी चाहिए।
जोखिम का खेल है भाई जरा धयान से।
फोटो आईचार्टस्॰इन से
द्वारा
विपुल जैन
at
10:00 pm
5
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श्रेणी: बज़ार
चिट्ठाजगत संकलक का चिट्ठा दरबार-ए-आम-ए-धड़ाधड़-महाराज
लेखकगण व पाठकगण,
यह तो सही है कि वास्तव में इस काम के लिए बग्ज़िला -http://bugzilla.com/ या कोई मंच - जैसे http://phpbb.com/ - बेहतर रहता लेकिन हमें लगा कि प्रयोक्ता लोगों को चिट्ठा प्रारूप की आदत है तो क्योंन यही आजमा के देखें। हमारा स्वार्थ भी था ही - मेहनत कम लगी। फिर भी सबकी राय और प्रयोग के अनुसार माध्यम बदला जा सकता है। फ़िलहाल, कुछ भी नरहने से यह दरबार-ए-आम रहना अच्छा है।
उम्मीद है कि इस दरबार-ए-आम के जरिए सभी संकलकों को प्रयोक्ताओं की समस्याओं और आशाओं के बारे में मूल्यवान जानकारी मिलेगी, और इससे सभीलाभान्वित होंगे। यह भी उम्मीद है कि आरएसएस, एटम, एक्सएमएल आदि पर अच्छी चर्चा संकलक निर्माता भी कर पाएँगे, यदि नहीं तो शायद यह ऐसे किसी मंच या डाक सूची को जन्म देगा जहाँ यह चर्चा और सहजता से हो पाए। हम मानते हैं कि एक दूसरेकी दाढ़ी में तिनके निकालना अच्छी बात है।
दरबार-ए-आम के बारे में बाकी जानकारी आपकोhttp://chittha.chitthajagat.in/ पर मिल जाएगी। यदि कुछ चीज़ बहुत तकनीकीलग रही हो तो हमें बताएँ, उसे और सहज बनाते हैं।
हिन्दी का इस्तेमाल करने वाले प्रयोक्ता - आम तौर पर हिन्दुस्तानी प्रयोक्ता भी - ज़्यादा लड़ते झगड़ते नहीं है, जो मिलता है उसमें संतोषकर लेते हैं। नतीजा - घटिया माल ही मिलता है। उम्मीद है कि परिचित चिट्ठा प्रारूप में शिकायतें लगाना सबको रास आएगा, और हमें ढेरों पत्र मिलेंगे।
हमारी कोशिश रहेगी कि सब प्रविष्टियों का विनम्रता पूर्वक जवाब दें -ज़ाहिर है आपको कोई समस्या आई, या जनहित की कोई बात लगी तभी आप लिख रहे हैं। लेकिन कभी कभार हमें आपकी बात समझने में दिक्कत हो सकती है। तो हमआपसे खुलासे के लिए सवाल भी पूछेंगे - वह भी विनम्रता पूर्वक ही। तो लगातार टिप्पणियों की ओर ताँक झाँक करते रहिएगा।
चलते चलते एक बात - हमने अपनी कड़ियों के खेत में उन सभी स्थलों का जिक्रकरने की कोशिश की है जो हिंदी के संकलकों व निर्देशिकाओं के तौर पर जाने जाते हैं। यदि कोई छूट गया हो तो कृपया बता दें, हम तुरंत शामिल कर लेंगे।
द्वारा
विपुल जैन
at
7:17 am
3
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श्रेणी: एग्रीगेटर
Thursday, 9 August 2007
मेरे चिट्ठे की तस्वीर ही मेरी तस्वीर है
कुछ जानी मानी हिन्दी चिट्ठाजगत की हस्तीयों की तस्वीरें
मेरा पन्ना
उडन तश्तरी
रचनाकार
सारथी
ई-पंडित
पंगेबाज
यूनुस खान का हिंदी ब्लॉग : रेडियो वाणी
और मैं
द्वारा
विपुल जैन
at
9:48 am
6
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श्रेणी: चिट्ठे की तस्वीर
Saturday, 4 August 2007
भ्रूण हत्या - कहाँ जाएगा मानव
द्वारा
विपुल जैन
at
4:12 pm
10
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श्रेणी: भ्रूण हत्या
Wednesday, 1 August 2007
पेश है चिट्ठाजगत॰इन सांख्यिकी - कितने आदमी थे
यह आंकड़े चिट्ठाजगत॰इन पर संग्रहित लेखों के आधार पर तैयार करे गये हैं। हमने १३ मई २००७ से सङकलन शुरू किया था, यह आंकड़े मई २००७ माह से प्रसतुत हैं।
द्वारा
विपुल जैन
at
10:51 am
5
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श्रेणी: चिट्ठाजगत

